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योग - तन, मन और आत्मा का संतुलन

नियमित योग से जीवन में सुख, शांति और स्वास्थ्य प्राप्त होता है।

🧘‍♂️ योग कक्षा

🕔 हर दिन सुबह 5:45 – 7:00 बजे तक

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प्रमुख योगासन

ताड़ासन (Tadasana)

यह आसन शरीर को सीधा और मजबूत बनाता है, रीढ़ की हड्डी को लंबा करता है।

वज्रासन (Vajrasana)

भोजन के बाद करने वाला एकमात्र आसन जो पाचन क्रिया को सुधारता है।

भुजंगासन (Bhujangasana)

पीठ के लिए फायदेमंद, मेरुदंड को मजबूत बनाता है और तनाव कम करता है।

भस्त्रिका प्राणायाम(Bhasrika Pranayama)

यह एक जोरदार श्वास व्यायाम है जिसमें तेजी से सांस लेना और छोड़ना शामिल है।

कपालभाति प्राणायाम(Kapalabhati Pranayama)

इसे "खोपड़ी की चमक" के रूप में भी जाना जाता है, यह एक और जोरदार श्वास तकनीक है जिसमें पेट को अंदर की ओर खींचते हुए सांस को बाहर निकाला जाता है।

बाह्य प्राणायाम(Bahya Pranayama)

इस प्राणायाम में सांस को बाहर निकालकर पेट को अंदर की ओर खींचकर रखना शामिल है।

भस्त्रिका प्राणायाम(Bhasrika Pranayama)

यह एक जोरदार श्वास व्यायाम है जिसमें तेजी से सांस लेना और छोड़ना शामिल है।

अनुलोम-विलोम प्राणायाम(Anulom-Vilom Pranayama)

इसे "वैकल्पिक नथुने श्वास" भी कहा जाता है, यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें एक नथुने से सांस लेना और दूसरे से छोड़ना शामिल है, और फिर इसे दोहराना।

भ्रामरी प्राणायाम(Bhramari Pranayama)

इस प्राणायाम में, भंवरे की तरह आवाज करते हुए सांस छोड़ी जाती है, जो शांत और आरामदायक होती है।

उद्गीथ प्राणायाम(Udgitha Pranayama)

यह प्राणायाम "ओम" के उच्चारण पर केंद्रित है, जो एक शक्तिशाली ध्वनि है जो मन को शांत करने में मदद करती है।

सूर्य भेदी प्राणायाम (Surya Bhedana Pranayama)

इसमें केवल दाईं नासिका से श्वास लेना और बाईं नासिका से छोड़ना होता है। यह शरीर को गर्मी और ऊर्जा प्रदान करता है।

चंद्र भेदी प्राणायाम(Chandra Bhedana Pranayama)

इसमें केवल बाईं नासिका से श्वास लेना और दाईं नासिका से छोड़ना होता है। यह शरीर को ठंडक और शांति प्रदान करता है।

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